विकास कार्यक्रम लागू हो तो कम होंगे एनीमिया के मामले - विलियम जो
नज़र न्यूज नेटवर्क संवाददाता
वाराणसी। डीएवी पीजी कॉलेज के अर्थशास्त्र विभाग के तत्वावधान में सोमवार को ‘एनीमिया मुक्त भारत में आर्थिक विकास नीतियॉ एवं योजनाएॅ‘ विषय पर विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन हुआ। मुख्य वक्ता इन्सिट्यूट ऑफ इकोनामिक ग्रोथ , नई दिल्ली के प्रोफेसर डॉ. विलियम जो ने कहा कि भारत में एनीमिया ने काफी तेजी से पैर पसारा। इस बीमारी का सबसे ज्यादा प्रभाव मुख्यत आदिवासी एवं पिछडे़ क्षेत्र में है, जिनमें सर्वाधिक मामले झारखण्ड, बिहार, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से आ रहे है। एनीमिया के प्रभाव को कम करना है तो इन आकड़ो के आधार पर सरकार द्वारा बनायी गयी नीतियों का क्रियान्वयन करना आवश्यक है। यहॉ यह भी ध्यान देना होगा की वह कौन से तत्व है जो इन नीतियों को लागू होने में कठिनाई पैदा कर रहे है। उन्होंने कहा कि भारत में रोजगार के वृहद अवसर उपलब्ध है, आवश्यकता है तो स्किल्ड लोगों की। कोई भी कम्पनी अथवा संस्थान स्किल्ड लोगों को ही अवसर उपलब्ध कराता है ऐसे में सिर्फ डिग्री प्राप्त करने के पीछे भागना ठीक नही। अब बहुमुखी प्रतिभा के धनी होने का दौर आ गया है।
विशिष्ट वक्ता टाटा रिसर्च इन्सिट्यूट, हैदराबाद के डॉ. अरविन्द पाण्डेय ने कहा कि अर्थव्यवस्था में स्वास्थ्य क्षेत्र की व्यापक भागीदारी है। युवाओं के लिए इस क्षेत्र में काफी अवसर उपलब्ध है। हेल्थ इकॉनामिक्स को समझने के लिए पूरे हेल्थ सेक्टर को समझना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि विकासशील कार्यक्रम और योजनाऐं समाज के हर अंग से जुड़ाव का जरिया बन सकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो. अनूप कुमार मिश्रा ने किया।
इससे पूर्व अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ, स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र प्रदान कर किया गया। संचालन डॉ. पारूल जैन, स्वागत डॉ. उदयभान सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. आहूति सिंह ने दिया। इस अवसर पर अर्थशास्त्र एवं कामर्स के अध्यापकों के साथ साथ बड़ी संख्या में छात्र छात्राएॅ उपस्थित रहे।

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