स्वतंत्र भारत का परतंत्र इतिहास, पुस्तक का लोकार्पण
नजर न्यूज नेटवर्क रिपोर्ट अयन बोस
वाराणसी। गिलट बाजार स्थित जयनगर कालोनी में आज शिव नारायण सिंह गौतम की पुस्तक स्वतंत्रत भारत का परतंत्र इतिहास का लोकार्पण हुआ। अध्यक्षता करते हुए वरिषठ साहित्यकार डॉ. रामसुधार सिंह ने कहा कि इतिहास लेखन हमेशा दुधारी तलवार की तरह रहा है। तथ्य पर आधारित सत्य से किसी को एतराज नहीं पर तथ्यहीन सत्य किसी को स्वीकार नहीं। किसी भी धर्म को सिर्फ चोट पहुंचाने की भाषा तथ्यहीन तथ्यों पर आधारित नहीं होना चाहिए। विषय स्थापना डा. (मेजर) अरविंद कुमार सिंह ने किया। स्वतंत्रत भारत का परतंत्र इतिहास के लेखक शिव नारायण सिंह गौतम ने सरकार से इतिहास को बदलने का अनुरोध करते हुए इतिहास की कई गलत तथ्यों की तरफ इशारा किया जो आज भी विश्वविद्यालयों में पढ़ाया जा रहा है। पाणिनि भारतीय मूल के नहीं थे । यह विदेशी आक्रांता आर्यों के साथ भारत आए थे । संस्कृत भाषा भारत की भाषा नहीं है, ऐसे बहुत से गलत तथ्यों की तरफ गौतम ने इशारा किया है। अतिथियों का स्वागत अवधेश सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन राम अवतार सिंह ने किया। इस अवसर पर सुरेश प्रताप, मोनेश श्रीवास्तव, मनमोहन सिंह, डॉ. रमाशंकर सिंह, डॉ धीरेंद्र सिंह, डॉ शरद श्रीवास्तव , सुभाष चंद्र, दिनेश नारायण , राजेंद्र श्रीवास्तव आदि थे।

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