संयुक्त कृषि निदेशक ने हरी खाद ढैंचा की फसल से होने वाले लाभ की जानकारी दी
वाराणसी। संयुक्त कृषि निदेशक, मंडल वाराणसी शैलेंद्र कुमार द्वारा शनिवार को जनपद के विकास खंड आराजी लाइन के राजकीय बीज गोदाम जंसा, कृषकों को निर्धारित दर पर समय से उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने हेतु बहु उद्देश्यीय सहकारी समिति हाथी का निरीक्षण किया। इसके साथ ही विश्व बैंक के सहयोग से संचालित यूपी एग्रीज परियोजना अंतर्गत चयनित ग्राम हरसोस में निशुल्क वितरित हरी खाद ढैंचा के प्रदर्शन प्रक्षेत्र का निरीक्षण किया। इस अवसर पर संयुक्त कृषि निदेशक शैलेंद्र कुमार के द्वारा किसानों को हरी खाद ढैंचा की फसल से होने वाले लाभ के बारे में जानकारी देते हुए उनके द्वारा अवगत कराया गया कि ढैचा की जड़ों में जो गांठे पाई जाती हैं उसमें लाभकारी सूक्ष्मजीव पाए जाते हैं जो वायुमंडल में पाए जाने वाली नाइट्रोजन का प्राकृतिक रूप से मिट्टी में संचय करते हैं जिससे मृदा में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है साथ ही साथ ढैचा की फसल से मिट्टी की भौतिक दशा में सुधार होता है जिसके कारण भूमि की जल धारण क्षमता भी बढ़ जाती है और मिट्टी में जितने भी सूक्ष्मजीवन होते हैं लाभकारी सभी अच्छी तरह से काम करते हैं जिससे मिट्टी का स्वास्थ्य अच्छा होता है इस प्रकार से ढैंचा हरी खाद लेने से किसान भाइयों को रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग कम करना पड़ता है जिससे उनकी लागत में कमी आती है तथा जो उत्पादन प्राप्त होता है वह भी बहुत उच्च गुणवत्ता का प्राप्त होता है साथ ही साथ काम रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से मिट्टी एवं पर्यावरण पर भी अच्छा प्रभाव पड़ता है महोदय के द्वारा जनपद के सभी किसानों से अपील किया गया कि जिन किसान भाइयों की ढैचा की फसल 40 से 45 दिन की हो गई है वे लोग समय से खेत में इसकी पलटाई करते हुए धान की रोपाई करे इस अवसर पर कृषक श्री मनोज कुमार पुत्र हरिलाल, राजकुमार पुत्र हरिलाल तथा सुरेश कुमार आदि उपस्थित रहे।।

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